मूल मंत्र के आगे-पीछे 'ॐ हौं जूं सः...' बीज अक्षरों का संपुट लगाना और भगवान शिव से अमृत वर्षा का ध्यान करते हुए रुद्राक्ष माला से जप करना इसकी गुप्त विधि है।
महामृत्युंजय मंत्र असाध्य रोगों को दूर करने और अकाल मृत्यु को टालने का अचूक उपाय है।
इसकी एक विशेष 'संपुट विधि' होती है जो इसे और भी शक्तिशाली बनाती है।