जप विधि
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महामृत्युंजय मंत्र जप की विधि क्या है?
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संक्षिप्त उत्तर
महामृत्युंजय जप: ब्रह्ममुहूर्त में, रुद्राक्ष माला से, शिव का ध्यान करते हुए, भस्म त्रिपुंड लगाकर। नित्य 108, रोग में 1008 बार। गंभीर संकट में 21 दिन × 1008। हवन: 'ॐ त्र्यम्बकं... स्वाहा' — तिल और घी
महामृत्युंजय मंत्र जप की विधि शिव पुराण और मंत्र महोदधि में वर्णित है: जप से पूर्व तैयारी: 1। ब्रह्ममुहूर्त या प्रदोष काल में स्नान 2।
कुश या ऊनी आसन — पूर्व या उत्तर मुख 3। शिवलिंग या शिव चित्र सामने रखें 4। घी का दीप जलाएं 5।
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