नित्य मंगल के लिए 108, रोग में 1008, गंभीर संकट में 21 दिन × 1008। मंत्र सिद्धि के लिए सवा लाख (1,25,000) का पुरश्चरण — प्रतिदिन 2500 जप = 50 दिन। शिव पुराण: शिव आशुतोष हैं — नित्य 11 बार भी जप से उनक
महामृत्युंजय मंत्र की जप संख्या का वर्णन मंत्र महोदधि और शिव पुराण में मिलता है: उद्देश्यानुसार जप संख्या: | उद्देश्य | जप संख्या | अवधि | |---------|-----------|-------| | नित्य मंगल | 108 (1 माला)
एक माला = 108 मनके। नित्य 108 जप रोग और भय से रक्षा करता है।