महाशिवरात्रि पर रात के चारों पहर में जल, दूध, दही और घी से अभिषेक करें। बेलपत्र, धतूरा अर्पण और 'ॐ नमः शिवाय' जप के साथ रात भर जागरण करें। अगले दिन स्नान के बाद व्रत का पारण करें।
महाशिवरात्रि फाल्गुन कृष्ण चतुर्दशी को मनाई जाती है।
शिव पुराण के अनुसार इस रात शिव का तांडव नृत्य होता है और शिव-पार्वती विवाह का भी यह पर्व है।