मनुस्मृति 3.284 का अर्थ क्या है?
#मनुस्मृति 3.284#वसु#रुद्र
मनुस्मृति 3.284 का अर्थ है: पिता वसु, पितामह रुद्र और प्रपितामह आदित्य हैं; यह सनातन वैदिक श्रुति है।
स्रोत प्रश्न: मनुस्मृति 3.284 का अर्थ क्या है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के अर्थ।
सभी रुद्र सम्बन्धित प्रश्नोत्तर एक स्थान पर।