शिव पूजा में आवाहन और विसर्जन का क्या अर्थ है?
#आवाहन#विसर्जन#षोडशोपचार
आवाहन = शिव को पूजा स्थल पर आमंत्रित करना ('आगच्छ भगवान देव')। विसर्जन = पूजा समापन पर विदाई प्रार्थना + क्षमा। स्वयंभू शिवलिंग में शिव नित्य विराजमान — आवाहन/विसर्जन = भक्त का मानसिक समर्पण। षोडशोपचार का प्रथम और अंतिम चरण।
स्रोत प्रश्न: शिव पूजा में आवाहन और विसर्जन का क्या अर्थ है? →सनातन धर्म के सभी प्रमुख शब्दों के अर्थ।
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