ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

अघोर पंथ और तंत्र शास्त्र में क्या संबंध है?

की चेकलिस्ट

अघोर = शैव तंत्र शाखा (वाम मार्ग)। शिव अघोर रूप। पंचमकार/श्मशान। 'सबमें शिव' = परम अद्वैत। सभी अघोरी तांत्रिक, सभी तांत्रिक अघोरी नहीं। बाबा कीनाराम (काशी)।

  1. 1मूल: अघोर = शैव तंत्र की शाखा। शिव = अघोर (भयंकर नहीं)। अघोरी = शिव के अघोर रूप के साधक।
  2. 2वाम मार्ग: अघोर = वाम मार्ग तंत्र — पंचमकार, श्मशान, शव साधना।
  3. 3भैरव: भैरव = अघोर के इष्ट। काल भैरव = अघोर गुरु।
  4. 4अद्वैत: अघोर दर्शन = 'सबमें शिव' — शुद्ध/अशुद्ध भेद नहीं = परम अद्वैत। यह तंत्र का सर्वोच्च सिद्धांत।
  5. 5कापालिक: प्राचीन कापालिक → अघोर = विकास क्रम।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
तंत्र परंपरा

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।