अखंड जप में बीच में विश्राम ले सकते हैं या नहीं?
की चेकलिस्ट
व्यक्तिगत: शौचालय/जल = मानस जप जारी (शरीर विश्राम)। सामूहिक: relay (पारी)। 'अखंड = ध्वनि निरंतर, व्यक्ति नहीं।' अखंड रामायण/कीर्तन = भक्त relay।
- 112/24 घंटे = कठिन बिना विश्राम।
- 2शौचालय/जल = अनुमति — जप मन में जारी।
- 3'अखंड' = मंत्र ध्वनि कभी रुके नहीं — शरीर विश्राम = मानस जप जारी।
- 4भक्तों की पारी (relay) — एक रुके = दूसरा शुरू।
- 524 घंटे/7 दिन = अनेक भक्त मिलकर।
- 6उदाहरण: अखंड रामायण, अखंड कीर्तन।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
मंत्र जप नियम
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।