ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

असुर योनि में पितर को श्राद्ध कैसे मिलता है?

की चेकलिस्ट

असुर योनि में स्थित पितर को श्राद्ध का अन्न 'विविध भोगों' के रूप में प्राप्त होता है। मंत्र शक्ति + श्रद्धा से अन्न उनकी योनि के योग्य रूप में रूपांतरित हो जाता है। मत्स्य/स्कंद पुराण का दर्शन।

  1. 1पितर की वर्तमान योनि = असुर योनि।
  2. 2कर्मों के आधार पर यह योनि प्राप्त हुई।
  3. 3श्राद्ध में अर्पित अन्न → 'विविध भोगों' के रूप में।
  4. 4विविध भोग = अनेक प्रकार के भौतिक सुख-साधन।
  5. 5असुर योनि के जीव सामान्य अन्न नहीं, बल्कि विविध भोग के योग्य होते हैं।
  6. 6मंत्र शक्ति और श्रद्धा से अन्न उसी रूप में रूपांतरित हो जाता है जिसके वे योग्य हैं।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
श्राद्ध दर्शन

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।