अविधवा नवमी क्या है?
की चेकलिस्ट
अविधवा नवमी = पितृ पक्ष की वह विशेष नवमी तिथि जब उन स्त्रियों का श्राद्ध किया जाता है जिनकी मृत्यु पति के जीवित रहते हुई हो। 'अविधवा' = जो विधवा नहीं, सधवा। इसे 'मातृ नवमी' भी कहते हैं।
- 1'अ' (नहीं) + 'विधवा' = जो विधवा नहीं।
- 2अर्थात् सधवा / सौभाग्यवती स्त्री।
- 3जिसका पति जीवित हो।
- 4पंचांग की नवीं तिथि।
- 5विशेषतः पितृ पक्ष की नवमी।
- 6ऐसी स्त्रियाँ जिनकी मृत्यु पति के जीवित रहते हुई हो।
- 7अर्थात् वे विधवा हुए बिना मृत्यु को प्राप्त हुईं।
- 8पितृ पक्ष की नवमी।
- 9आश्विन कृष्ण नवमी।
- 10'मातृ नवमी'।
- 11'मातृ' = माता।
- 12माताओं के श्राद्ध से जुड़ा नाम।
- 13विधवा स्त्रियों के लिए यह तिथि नहीं।
- 14केवल वे जो पति के जीवित रहते मरीं।
- 15सुहागिन स्त्रियों को विशेष सम्मान।
- 16अलग तिथि = उनकी विशेष पहचान।
- 17'नवमी को होता है' = निर्धारित।
- 18यह तिथि अलङ्घ्य।
- 19स्वाभाविक मृत्यु प्रतिपदा को → प्रतिपदा
- 20अकाल मृत्यु → चतुर्दशी (घट चतुर्दशी)
- 21सुहागिन स्त्री → नवमी (अविधवा नवमी / मातृ नवमी) ← यहाँ
- 22संन्यासी → द्वादशी
- 23बच्चे → पंचमी / त्रयोदशी
- 24अज्ञात तिथि → सर्वपितृ अमावस्या
- 25सनातन धर्म में सौभाग्यवती स्त्री = परम पुण्यशालिनी।
- 26उनकी मृत्यु = सुहाग की रक्षा करते हुए।
- 27इस विशेष कोटि के लिए विशेष तिथि = अविधवा नवमी।
- 28वंशजों के लिए विशेष कर्तव्य।
- 29माता / दादी / पत्नी जो सुहागिन रहते मरीं — सबका श्राद्ध इसी दिन।
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विशेष मृत्यु श्राद्ध
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