बजरंग बाण कब पढ़ना चाहिए?
की चेकलिस्ट
बजरंग बाण भूत-प्रेत बाधा, तंत्र-मंत्र प्रभाव, शत्रु भय और अत्यंत कठिन संकट में पढ़ें। मंगलवार-शनिवार को ब्रह्ममुहूर्त में पाठ सर्वोत्तम है। बिना संकट के नित्य पाठ की बजाय हनुमान चालीसा पढ़ें। पाठ बीच में न रोकें।
- 1भूत-प्रेत और नकारात्मक शक्तियों का प्रभाव — यह सर्वोत्तम समय है; बजरंग बाण इन शक्तियों का तत्काल नाश करता है
- 2अत्यंत कठिन संकट — जब हर तरफ से रास्ता बंद लगे
- 3शत्रु भय — शत्रु के अत्याचार से रक्षा
- 4तंत्र-मंत्र का प्रभाव — यदि किसी ने काला जादू या नजर लगाई हो
- 5गंभीर रोग — स्वयं या परिजन की गंभीर बीमारी में
- 6स्नान करके पाठ करें
- 7हनुमान जी का चित्र सामने रखें
- 8घी का दीप जलाएं
- 9पूर्ण श्रद्धा और भय-रहित मन से पढ़ें
- 10बीच में न रोकें — एक बार शुरू किया तो पूरा पढ़ें
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
बजरंग बाण
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।