बरगद पेड़ की पूजा — वट सावित्री व्रत में?
की चेकलिस्ट
वट सावित्री=ज्येष्ठ अमावस्या(पति दीर्घायु)। बरगद पर जल+दूध+रोली→मौली बांधें→7 परिक्रमा→कथा सुनें→व्रत। सावित्री ने यमराज से पति प्राण वापस लिए। बरगद=अमरत्व।
- 1प्रातः स्नान → सोलह श्रृंगार।
- 2बरगद पेड़ के पास जाएँ।
- 3जल+दूध+रोली+अक्षत+फूल+फल चढ़ाएँ।
- 4कच्चा सूत(मौली) बरगद पर बांधें — 7 बार परिक्रमा करते हुए।
- 5वट सावित्री कथा सुनें/पढ़ें।
- 6मंत्र: *'वट सावित्र्यै नमः'* या *'ॐ सावित्र्यै नमः'*।
- 7व्रत रखें (निर्जला या फलाहार)।
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