भोजन से पहले भगवान को भोग लगाना जरूरी है क्या
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हाँ — गीता 3.13 अनुसार। भोजन पहले भगवान को अर्पित, फिर प्रसाद रूप में ग्रहण। 'ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविः...' (गीता 4.24)। संभव न हो तो मन में ईश्वर स्मरण = न्यूनतम भोग।
- 1भोजन बनने पर पहले भगवान को भोग लगाएं।
- 2'ब्रह्मार्पणं ब्रह्म हविर्ब्रह्माग्नौ ब्रह्मणाहुतम्' (गीता 4.24) या 'ॐ प्राणाय स्वाहा...' बोलें।
- 35-10 मिनट रखें, फिर प्रसाद के रूप में ग्रहण करें।
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