भूतशुद्धि क्या होती है?
की चेकलिस्ट
भूतशुद्धि = ध्यान में पंचतत्वों को क्रमशः लय करना: पृथ्वी → जल → अग्नि → वायु → आकाश → अहंकार → महत → परब्रह्म की प्रकृति/माया में। इसके बाद दिव्य, शुद्ध शरीर की भावना — जो देवी की उपासना के योग्य हो।
- 1पृथ्वी तत्व को जल में
- 2जल को अग्नि में
- 3अग्नि को वायु में
- 4वायु को आकाश में
- 5आकाश को 'अहंकार' में
- 6अहंकार को 'महत' (महान ऊर्जा) में
- 7और अंततः महत को परब्रह्म की आदि 'प्रकृति' या 'माया' (महाशक्ति) में समाहित कर दिया जाता है।
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पात्रता और शुद्धि
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