ॐ नमः शिवाय  |  जय श्री राम  |  हरे कृष्ण
चेकलिस्ट

ब्राह्म मुहूर्त में उठने के क्या फायदे हैं?

की चेकलिस्ट

ऋग्वेद: प्रातःकाल = स्वास्थ्य रत्न। आयुर्वेद: वीर वायु = अमृत तुल्य, तेज-बल-मेधा। आध्यात्मिक: पूजा फल करोड़ों गुना। वैज्ञानिक: ऑक्सीजन अधिक, फोकस बढ़ता, तनाव कम। प्रेमानंद: 'बिना ब्रह्ममुहूर्त आध्यात्मिक फल नहीं।'

  1. 1ऋग्वेद: *'प्रातः रत्नं प्रातरित्वा दधाति...'* — प्रातःकाल उठने वाले को उत्तम स्वास्थ्य रत्न प्राप्त होता है।
  2. 2दैवीय शक्तियाँ सक्रिय — इस समय सत्वगुण प्रधान, तमोगुण न्यूनतम। पूजा/ध्यान/मंत्र जप का फल करोड़ों गुना अधिक।
  3. 3मोक्ष/ज्ञान प्राप्ति का सर्वोत्तम समय (मांडूक्य उपनिषद)।
  4. 4देवता इस समय पृथ्वी पर आते हैं (धार्मिक मान्यता)।
  5. 5इस समय 'वीर वायु' बहती है — चंद्रमा से अमृत कणों से युक्त, स्वास्थ्य के लिए अमृत तुल्य।
  6. 6शरीर में तेज, बल, शक्ति, स्फूर्ति और मेधा का संचार।
  7. 7सौंदर्य, बुद्धि और दीर्घायु की प्राप्ति।
  8. 8रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
  9. 9वातावरण में ऑक्सीजन अधिक, प्रदूषण न्यूनतम।
  10. 10मेलाटोनिन (नींद हार्मोन) संतुलित रहता है।
  11. 11फोकस और एकाग्रता बढ़ती है।
  12. 12तनाव/अवसाद कम होता है।
  13. 13सर्कैडियन रिदम (शरीर की जैविक घड़ी) सही रहती है।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें

मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।

श्रेणी
दैनिक आचरण

इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।