चौदह मुखी रुद्राक्ष शिव का तीसरा नेत्र क्यों
की चेकलिस्ट
14 मुखी = शिव तीसरा नेत्र (शिव पुराण: शिव नेत्रों से उत्पन्न)। आज्ञा चक्र सक्रिय, अंतर्दृष्टि, भविष्य दृष्टि। सर्वोच्च आध्यात्मिक। दुर्लभ (₹10,000-₹2,00,000+)। माथे पर धारण।
- 114 मुखी = शिव का सर्वोच्च रूप — 14 भुवन (लोक) के स्वामी।
- 2शिव पुराण — 14 मुखी रुद्राक्ष शिव के नेत्रों (अश्रु) से उत्पन्न; विशेषकर तीसरे नेत्र से।
- 3आज्ञा चक्र — तीसरा नेत्र = आज्ञा चक्र; 14 मुखी इसे सक्रिय करता है।
- 4भविष्य दृष्टि — अंतर्दृष्टि, सहज ज्ञान (intuition) बढ़ाता है।
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श्रेणी
रुद्राक्ष
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