मृत्यु के बाद शव कितनी देर में दाह संस्कार करें?
की चेकलिस्ट
सूर्यास्त से पहले (रात वर्जित)। जितना जल्दी हो उतना उत्तम। सूर्यास्त हो गया = अगले दिन। बच्चे/संन्यासी/गर्भवती = समाधि। सर्प दंश = 21 दिन प्रतीक्षा। यथाशीघ्र संस्कार उचित।
- 1उत्तम: मृत्यु के कुछ घंटों में — जितना जल्दी हो।
- 2यदि सूर्यास्त हो गया = अगले दिन सूर्योदय के बाद।
- 3शव को रात भर रखना हो = दूरी बनाकर रखें, गंगाजल छिड़कें, दीपक जलाएँ, गीता/गरुड़ पुराण पाठ।
- 45 वर्ष से कम बच्चे — समाधि/दफनाना।
- 5संन्यासी/साधु — समाधि।
- 6गर्भवती महिला (मृत्यु पर) — जल/थल समाधि।
- 7सर्प दंश से मृत्यु — 21 दिन प्रतीक्षा (सूक्ष्म प्राण)।
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