दक्षिण भारत में आगम पद्धति से पूजा कैसे होती है
की चेकलिस्ट
दक्षिण भारत में तीन मुख्य आगम: वैखानस (तिरुपति जैसे विष्णु मन्दिर), पाञ्चरात्र (श्रीरंगम जैसे विष्णु मन्दिर), शैवसिद्धान्त (शिव मन्दिर)। दिन में 6 काल पूजा — अभिषेक, अलंकार, नैवेद्य, दीपाराधना। आगम शिक्षित पुरोहित ही पूजा करते हैं। मन्दिर निर्माण से लेकर उत्सव तक सब आगम अनुसार।
- 1मन्दिर द्वार खोलना — अभिगमन।
- 2देवता को जगाना (सुप्रभात/तिरुप्पावै पाठ)।
- 3अभिषेक — दूध, दही, घी, शहद, गन्ने का रस (पंचामृत), जल, चन्दन आदि से विग्रह स्नान।
- 4अलंकार — वस्त्र, आभूषण, पुष्पमाला, चन्दन लेपन।
- 5नैवेद्य — भोग अर्पण।
- 6दीपाराधना — कर्पूर आरती, दीपक।
- 7मंत्र पुष्पम् — वैदिक/आगमिक मंत्रों का पाठ।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
पूजा पद्धति
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।