देवी भागवत पुराण का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
देवी भागवत = शाक्त प्रमुख ग्रंथ (12 स्कंध, 318 अध्याय)। पाठ: नवरात्रि सर्वोत्तम, शुक्रवार, पूर्णिमा। 7 या 9 दिन में सम्पूर्ण। सात्विक आहार, ब्रह्मचर्य। पूर्ण होने पर हवन+दान। विषय: देवी = सर्वोच्च ब्रह्म। फल: पाप नाश, भोग-मोक्ष।
- 1नवरात्रि — सर्वोत्तम (शारदीय और चैत्र दोनों)।
- 2अश्विन मास — विशेष महत्व।
- 3शुक्रवार — देवी का दिन।
- 4पूर्णिमा और अमावस्या।
- 5देवी जयंती, दुर्गाष्टमी।
- 6विपत्ति या संकट काल में पाठ विशेष फलदायी।
- 7स्नान कर शुद्ध वस्त्र धारण।
- 8देवी प्रतिमा/चित्र के सामने बैठें।
- 9संकल्प लें — कितने दिनों में, किस उद्देश्य से पाठ करेंगे।
- 10प्रतिदिन निश्चित स्कंध/अध्याय पढ़ें।
- 117 दिन या 9 दिन (नवरात्रि) में सम्पूर्ण पाठ का विधान।
- 12सात्विक आहार, ब्रह्मचर्य।
- 13पाठ पूर्ण होने पर हवन, दान, ब्राह्मण भोजन।
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श्रेणी
देवी ग्रंथ
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