देवी मंदिर में चुनरी बांधने का क्या विधान है
की चेकलिस्ट
देवी चुनरी: लाल सर्वोत्तम (शक्ति/सौभाग्य)। स्नान → हल्दी-कुमकुम छिड़कें → देवी को ओढ़ाएँ / मन्दिर में बाँधें → 'ॐ दुर्गायै नमः'। मनोकामना/मन्नत हेतु। सुहागिनें पति दीर्घायु, कन्याएँ वर प्राप्ति हेतु। शक्तिपीठों में विशेष परम्परा। नई/शुद्ध चुनरी।
- 1लाल चुनरी सर्वोत्तम — लाल = शक्ति, सौभाग्य, माँ दुर्गा का प्रिय रंग।
- 2पीली, केसरिया भी शुभ।
- 3काली चुनरी = काली माता के मन्दिर में।
- 4स्नान/शुद्धि के बाद मन्दिर जाएँ।
- 5चुनरी पर हल्दी-कुमकुम छिड़कें।
- 6देवी प्रतिमा/मूर्ति को चुनरी ओढ़ाएँ।
- 7मन्दिर परिसर में वृक्ष/स्तम्भ पर भी बाँधने की परम्परा (मनोकामना हेतु)।
- 8'ॐ दुर्गायै नमः' या 'जय माता दी' बोलकर अर्पित।
- 9सुहागिनें पति की दीर्घायु हेतु लाल चुनरी चढ़ाती हैं।
- 10कुंवारी कन्याएँ मनचाहे वर हेतु।
- 11मनोकामना पूरी हो तो पुनः चुनरी + प्रसाद चढ़ाएँ।
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श्रेणी
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