धनतेरस पर यम के लिए दीपक क्यों जलाते हैं?
की चेकलिस्ट
धनतेरस यम दीपक: कथा — रानी ने दीपक-आभूषण से यमराज को रोका, पति प्राण बचे। विधि: दक्षिण दिशा, जमीन पर, तिल तेल, चार बत्ती, 'मृत्युना पाशहस्तेन...' मंत्र। उद्देश्य: अकाल मृत्यु रक्षा, दीर्घायु। रात भर जलता रहे।
- 1संध्याकाल में घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर मुख करके एक दीपक जलाएँ।
- 2दीपक में तिल का तेल और चार बत्तियाँ होनी चाहिए (कुछ परम्पराओं में एक बत्ती)।
- 3दीपक को जमीन पर (ऊँचे स्थान पर नहीं) रखें।
- 4मंत्र: 'मृत्युना पाशहस्तेन कालेन भार्यया सह। त्रयोदश्यां दीपदानात् सूर्यजः प्रीयतां मम।' (यमराज मुझ पर प्रसन्न हों।)
- 5दीपक रात भर जलता रहना चाहिए। पीछे मुड़कर न देखें।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
त्योहार पूजा
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।