धूमावती साधना कैसे करें?
की चेकलिस्ट
धूमावती = विधवा-स्वरूपा, धूम्रवर्णा — विघ्न-विपत्ति में शक्ति की देवी। मंत्र: 'ॐ धूं धूं धूमावत्यै स्वाहा'। शनिवार, अमावस्या, रात्रि। सफेद/ग्रे वस्त्र। भोग: सूखी रोटी-चना। फल: विघ्न-नाश, शत्रु-ज्ञान, दरिद्रता-निवारण। काक-वाहन, सूप-हस्त — ध्यान। दीक्षा अनिवार्य।
- 1बीज: 'धूं धूं'
- 2मूल मंत्र: 'ॐ धूं धूं धूमावत्यै स्वाहा'
- 3विस्तृत मंत्र: 'धूं धूं धूमावती ठः ठः' — गुरु-दत्त
- 4शनिवार — धूमावती का वार
- 5अमावस्या और अष्टमी
- 6रात्रि-काल — सर्वोत्तम
- 7विघ्न और शत्रु-नाश — सर्वप्रमुख
- 8दरिद्रता-दोष निवारण (विरोधाभास: दरिद्रता-स्वरूपा देवी दरिद्रता नष्ट करती हैं)
- 9गुप्त शत्रु का ज्ञान
- 10मारण, उच्चाटन आदि तांत्रिक प्रयोगों में
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श्रेणी
तंत्र साधना
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