ध्यान के दौरान सांस पर ध्यान क्यों दिया जाता है?
की चेकलिस्ट
ध्यान में श्वास पर इसलिए ध्यान दिया जाता है क्योंकि — 'चले वाते चलं चित्तं निश्चले निश्चलं भवेत्' (हठयोग प्रदीपिका 2/2) — श्वास स्थिर होने से मन स्थिर होता है। श्वास सदा वर्तमान में है, मन का द्वार है और अजपा-जप 'सोऽहम्' का आधार है।
- 1श्वास चलती है तो मन चलता है; श्वास स्थिर होती है तो मन स्थिर होता है। यह श्वास और मन का मूल नियम है।
- 2भयभीत होने पर श्वास तेज होती है
- 3शांत होने पर श्वास धीमी होती है
- 4श्वास की गति बदलकर मन की अवस्था बदली जा सकती है
- 5प्राण और अपान को सम करके, नासिका में श्वास को स्थिर करके ध्यान करें।
- 6श्वास को नियंत्रित मत करें — केवल देखें
- 7श्वास नासिका में प्रवेश करे — वहाँ अनुभव करें
- 8छाती या पेट उठे-गिरे — उसे महसूस करें
- 9श्वास-लय में 'सो-हम्' जोड़ें
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
ध्यान साधना
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।