ध्यान में मंत्र अपने आप दोहराने लगे — इसका क्या अर्थ है?
की चेकलिस्ट
अजपा जप ('बिना जपे जप') — सर्वशुभ। मंत्र सिद्धि निकट, ध्यान गहन, प्राण+मंत्र=एक। बहने दें — 'जप हो रहा है' = उत्तम। 'सोऽहम्' = श्वास अजपा (जन्म से)।
- 1अजपा: 'अ + जप' = 'बिना जपे जप' → मंत्र = अवचेतन/चेतन में स्थापित → स्वतः चलता है।
- 2मंत्र सिद्धि संकेत: जप → अभ्यास → मंत्र = 'आपका हो गया' → स्वतः = सिद्धि निकट।
- 3प्राण + मंत्र: श्वास = 'सोऽहम्' (अजपा गायत्री)। मंत्र + श्वास = एक → स्वतः।
- 4ध्यान गहन: मन = मंत्रमय → विचार ↓ → मंत्र ↑ = सफल ध्यान।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
ध्यान अनुभव
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।