दुर्गा मंत्र जप कैसे करें?
की चेकलिस्ट
लाल आसन पर पूर्व/उत्तर मुख करके बैठें, रुद्राक्ष माला से नवार्ण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे) या 'ॐ दुं दुर्गायै नमः' का 108 बार जप करें। तर्जनी माला को न छुए। नवरात्रि में 1008 बार जप विशेष फलदायी है।
- 1नवार्ण मंत्र (सर्वश्रेष्ठ):
- 2दुर्गा मूल मंत्र:
- 3दुर्गा गायत्री:
- 4स्नान करके लाल या पीत वस्त्र धारण करें
- 5लाल आसन (लाल कंबल या कपड़ा) पर बैठें
- 6पूर्व या उत्तर दिशा में मुख करें
- 7लाल चंदन या गुड़हल का दीप जलाएं
- 8रुद्राक्ष या स्फटिक माला तैयार रखें
- 9संकल्प: मन में उद्देश्य बोलें
- 10गुरु स्मरण: अपने गुरु या आदि शंकराचार्य का स्मरण करें
- 11देवी ध्यान:
- 12माला जप: अनामिका और अंगूठे से माला पकड़ें; तर्जनी का स्पर्श न हो
- 13उच्चारण: मन में या धीमी आवाज में
- 14जप के बाद: माला को सिर से लगाएं और देवी को समर्पित करें
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