दुर्गा साधना कैसे करें?
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दुर्गा साधना में ब्रह्ममुहूर्त में लाल आसन पर बैठकर, नवार्ण मंत्र (ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे) का 108 बार जप, सप्तशती पाठ और आरती करें। नवरात्रि में 9 दिन व्रत, अखंड दीप और कन्या पूजन विशेष महत्व का है।
- 1सामान्य भक्ति साधना — नित्य पूजन, मंत्र जप, सप्तशती पाठ
- 2नवरात्रि साधना — 9 दिन का विशेष अनुष्ठान
- 3तांत्रिक साधना — गुरु मार्गदर्शन में
- 4ब्रह्ममुहूर्त में उठकर स्नान करें
- 5लाल आसन पर पूर्व या उत्तर मुख करके बैठें
- 6घी या तिल तेल का दीप जलाएं
- 7लाल फूल, लाल चंदन, कुमकुम अर्पित करें
- 8नवार्ण मंत्र: 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुंडायै विच्चे' — 108 बार जप
- 9दुर्गा सप्तशती के किसी एक अध्याय का पाठ
- 10आरती
- 11नवरात्रि के पहले दिन गुरु पूजन और संकल्प लें
- 129 दिन व्रत रखें
- 13प्रत्येक दिन नवदुर्गा के क्रमानुसार रूप की पूजा
- 14सप्तशती का एक या तीन पाठ नौ दिनों में पूरा करें
- 15अखंड दीप जलाएं
- 16कन्या पूजन (अष्टमी या नवमी)
- 17ब्रह्मचर्य का पालन करें
- 18क्रोध और झूठ से बचें
- 19मांस, मदिरा, प्याज-लहसुन वर्जित
- 20अपने मन में देवी का ध्यान बनाए रखें
- 21दूसरों की सेवा करें — देवी सर्वभूत में निवास करती हैं
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