दुर्गा सप्तशती का पाठ कब और कैसे करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
मार्कण्डेय पुराण — 700 श्लोक, 13 अध्याय। नवरात्रि/मंगलवार/शुक्रवार। शापोद्धार अनिवार्य। क्रम: कवच→अर्गला→कीलक→13 अध्याय→रहस्य। शुद्ध उच्चारण, ब्रह्मचर्य। संक्षिप्त: सिद्ध कुंजिका स्तोत्र।
- 1गणेश पूजन सर्वप्रथम।
- 2कलश स्थापना (नवरात्रि में), नवग्रह पूजन।
- 3लाल कपड़े पर पुस्तक रखें।
- 4शापोद्धार अनिवार्य — सप्तशती के मंत्र ब्रह्मा/वशिष्ठ/विश्वामित्र द्वारा शापित। शापोद्धार बिना सही फल नहीं।
- 5क्रम: कवच (बीज/रक्षा) → अर्गला (शक्ति/बाधा हटाना) → कीलक (फल प्राप्ति) → 13 अध्याय → तीन रहस्य।
- 6पूर्वाभिमुख बैठें।
- 7शुद्ध उच्चारण, एकाग्रता।
- 8मांस-मदिरा, प्याज-लहसुन वर्जित। ब्रह्मचर्य।
- 9पाठ के बाद क्षमा प्रार्थना अवश्य।
- 10अंत में आरती + प्रसाद।
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दुर्गा सप्तशती
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