गणेश चालीसा पढ़ने की विधि और नियम क्या हैं?
की चेकलिस्ट
विधि: स्नान → पूर्व/उत्तर मुख → दीपक → सिंदूर, दूर्वा, मोदक → 'ॐ गं गणपतये नमः' 3 बार → चालीसा → आरती। बुधवार/चतुर्थी विशेष। तुलसी वर्जित। 21/40 दिन निरंतर = विशेष फल। फल: विघ्न नाश, बुद्धि, सफलता।
- 1स्नान करके शुद्ध वस्त्र धारण करें।
- 2गणेश जी के चित्र/प्रतिमा के सामने पूर्व या उत्तर दिशा में बैठें।
- 3दीपक (घी का) जलाएं, धूप लगाएं।
- 4गणेश जी को सिंदूर, दूर्वा, मोदक अर्पित करें।
- 5हाथ जोड़कर 'ॐ गं गणपतये नमः' 3 बार बोलें।
- 6गणेश चालीसा का शुद्ध उच्चारण के साथ पाठ करें।
- 7पाठ पश्चात आरती करें और प्रसाद वितरित करें।
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