गणेश गायत्री मंत्र का जप किस उद्देश्य से करें?
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मंत्र: 'ॐ एकदन्ताय विद्महे वक्रतुण्डाय धीमहि तन्नो दन्ती प्रचोदयात्'। उद्देश्य: बुद्धि-विवेक वृद्धि, विघ्न नाश, शिक्षा/परीक्षा सफलता, नए कार्य शुभारंभ, ग्रह शांति। 108 बार नित्य, बुधवार विशेष। दीक्षा अनिवार्य नहीं।
- 1बुद्धि और विवेक वृद्धि — गायत्री मंत्र मूलतः बुद्धि प्रेरणा ('धीमहि', 'प्रचोदयात्') के लिए है।
- 2विघ्न निवारण — सभी कार्यों में आने वाली बाधाओं का नाश।
- 3शिक्षा और परीक्षा — विद्यार्थियों के लिए अत्यंत उपयोगी।
- 4नए कार्य का शुभारंभ — व्यापार, नौकरी, गृह प्रवेश से पूर्व।
- 5ग्रह दोष शांति — बुध ग्रह और केतु ग्रह की शांति।
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गणेश पूजा
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