गणपति अथर्वशीर्ष 21 बार पढ़ने से क्या होता है?
की चेकलिस्ट
संकष्टी पर 21 बार=दोगुना फल, बिगड़े काम बनें। अथर्वशीर्ष: 1000 बार=सभी कामना सिद्ध। महाविघ्न/महापाप मुक्ति। दैनिक 1, बुधवार विशेष। विद्यार्थी/व्यापारी/सभी।
- 1संकष्टी चतुर्थी पर 21 बार = दोगुना फल।
- 2सभी बिगड़े काम बनने लगते हैं।
- 3अशुभ ग्रह (राहु/केतु/शनि) शांत।
- 4गणेश कृपा अत्यंत शीघ्र।
- 5*1000 बार पाठ = सभी कामनाएँ सिद्ध।*
- 6*चतुर्थी उपवास + पाठ = विद्यावान।*
- 7*दूर्वा से यजन = कुबेर समान।*
- 8*8 ब्राह्मणों को सुनाने = सूर्य समान तेजस्वी।*
- 9*महाविघ्न, महादोष, महापाप से मुक्ति।*
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