गरुड़ पुराण का पाठ कब तक करना चाहिए?
की चेकलिस्ट
13 दिन (तेरहवीं तक)। शुरू: मृत्यु दिन/अगले दिन। कुछ में 10 दिन। आत्मा 3-13 दिन में गति। ब्राह्मण पढ़े, परिजन सुनें। सामान्य समय में भी पठनीय — ज्ञान ग्रंथ।
- 1शुरू: मृत्यु के दिन या अगले दिन से।
- 2अवधि:13 दिन (दाह संस्कार से तेरहवीं तक)।
- 3कुछ परंपराओं में 10 दिन (दशगात्र तक)।
- 4गरुड़ पुराण: आत्मा 3-13 दिन में नया जन्म/गति प्राप्त करती है।
- 513वें दिन = तेरहवीं = मृत्युभोज = पितर विदाई।
- 613 दिन = अशौच (सूतक) काल — इस दौरान परिवार अपवित्र माना जाता है।
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