घर बनाते समय नींव में क्या रखना चाहिए वास्तु अनुसार
की चेकलिस्ट
नींव में नवरत्न/पंचरत्न, पंचधातु (सोना, चांदी, तांबा, पीतल, लोहा), नवधान्य, ताम्र पत्र (स्वस्तिक सहित), सिक्के और गंगाजल रखें। ईशान कोण से नींव आरंभ करें, गणपति पूजन और भूमि पूजन अवश्य करें।
- 1नवरत्न या पंचरत्न — माणिक्य, मोती, मूंगा, पन्ना, पुखराज, हीरा, नीलम, गोमेद, लहसुनिया — इन नवरत्नों को या कम से कम पंचरत्न (5 रत्न) को नींव में रखना सर्वाधिक शुभ माना जाता है।
- 2पंचधातु — सोना, चांदी, तांबा, पीतल और लोहा — इन पांच धातुओं के टुकड़े नींव में रखें।
- 3नवधान्य — गेहूं, चावल, मूंग, उड़द, चना, जौ, तिल, ज्वार/मक्का और सरसों — नौ प्रकार के अनाज।
- 4ताम्र पत्र — तांबे की पट्टी पर स्वस्तिक या ॐ अंकित करके रखें।
- 5सिक्के — तांबे, चांदी या सोने के सिक्के रखना शुभ माना जाता है।
- 6ईंट — प्रथम ईंट ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) में रखी जाती है।
- 7गंगाजल — नींव पर गंगाजल छिड़कें।
- 8शहद और दूध — नींव की मिट्टी में मिलाना शुभ माना जाता है।
- 9शुभ मुहूर्त में नींव रखें।
- 10ईशान कोण से आरंभ करें — पहली ईंट या पत्थर ईशान कोण में रखें।
- 11गणपति पूजन — नींव रखने से पूर्व गणेश जी की पूजा करें।
- 12भूमि पूजन — भूमि देवी और वास्तु पुरुष की पूजा करें (विस्तृत विधि अगले प्रश्न में)।
- 13नारियल फोड़ना — ईशान कोण में नारियल फोड़कर उसका जल नींव पर छिड़कें।
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वास्तु शास्त्र
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