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चेकलिस्ट

घर में हवन कुंड बनाने की जगह कहाँ हो वास्तु में

की चेकलिस्ट

हवन कुंड आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) में बनाएं — यह अग्नि तत्व की दिशा है। खुले स्थान में, अच्छे वायु संचार वाली जगह पर रखें। ईशान कोण (जल तत्व) और शयनकक्ष में न बनाएं।

  1. 1आग्नेय कोण (दक्षिण-पूर्व) — वास्तु शास्त्र के अनुसार यह अग्नि तत्व की दिशा है। हवन कुंड के लिए सबसे उपयुक्त स्थान। आग्नेय कोण के स्वामी अग्निदेव हैं, अतः अग्नि से संबंधित सभी कार्य यहां शुभ हैं।
  2. 2पूर्व दिशा — यदि आग्नेय कोण उपलब्ध न हो तो पूर्व दिशा में हवन कुंड बनाना उपयुक्त है।
  3. 3खुला स्थान — हवन कुंड खुले आकाश के नीचे या अच्छे वायु संचार वाले स्थान पर हो। धुआं निकलने की व्यवस्था आवश्यक है।
  4. 4पूजा घर से अलग — हवन कुंड पूजा घर के अंदर नहीं, बल्कि अलग स्थान (आंगन, छत, बालकनी) पर हो।
  5. 5जल स्रोत से दूर — ईशान कोण (जल तत्व) से दूर रखें, क्योंकि अग्नि और जल विरोधी तत्व हैं।
  6. 6भूमि — हवन कुंड का स्थान समतल और स्वच्छ हो। गोबर से लिपी हुई भूमि परंपरागत रूप से उत्तम मानी जाती है।
  7. 7दिशा मुख — हवन करने वाला पूर्व या उत्तर की ओर मुख करके बैठे।
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वास्तु शास्त्र

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