ग्रहण के दौरान मंदिर के कपाट क्यों बंद कर देते हैं?
की चेकलिस्ट
कपाट बंद: सूतक (गर्भगृह सुरक्षा), राहु-केतु कवच, दर्शन वर्जित, पुनः शुद्धि बाद खुलें। भक्त=बाहर जप (करोड़गुना)। कुछ दक्षिण मंदिर=अपवाद।
- 1सूतक: अशुद्ध वातावरण में गर्भगृह = मूर्ति सुरक्षित रखना।
- 2राहु-केतु: नकारात्मक ऊर्जा = मूर्ति कवच।
- 3पूजा/दर्शन वर्जित: सूतक में मूर्ति दर्शन (कुछ परम्पराओं में) वर्जित।
- 4पुनः शुद्धि: ग्रहण बाद मूर्ति स्नान + नवीन भोग → तब कपाट।
- 5जप काल: भक्त बाहर जप करें = करोड़गुना फल। ग्रहण = साधना हेतु सर्वोत्तम।
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