गृहस्थ आश्रम सबसे श्रेष्ठ क्यों?
की चेकलिस्ट
मनुस्मृति: 'सब आश्रम गृहस्थ पर निर्भर'(वायु समान)। सबका पालक, पंचमहायज्ञ, संतान, दान=गृहस्थ ही। गीता: संसार में धर्म=सबसे कठिन तपस्या=असली। हिमालय=आसान, परिवार=तपस्या।
- 1भरण-पोषण: ब्रह्मचारी, वानप्रस्थी, संन्यासी = गृहस्थ से भिक्षा/भोजन। गृहस्थ = सबका पालक।
- 2पंचमहायज्ञ: देव/ऋषि/पितर/अतिथि/भूत = पांचों ऋण गृहस्थ चुकाता।
- 3संतान: वंश वृद्धि, संस्कार = गृहस्थ ही।
- 4दान: अन्नदान/विद्यादान/धनदान = गृहस्थ ही कर सकता।
- 5कर्मयोग: गीता: गृहस्थ = सबसे कठिन तपस्या — संसार में रहकर धर्म = सबसे बड़ा।
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श्रेणी
आश्रम धर्म
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