ज्ञान मार्ग से मोक्ष कैसे प्राप्त करें
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ज्ञान मार्ग: 'अहं ब्रह्मास्मि' — आत्मा-ब्रह्म एकत्व का बोध = मोक्ष। साधन: विवेक + वैराग्य + षट्सम्पत्ति + मुमुक्षुत्व। विधि: श्रवण → मनन → निदिध्यासन। गीता 4.38 — ज्ञान से पवित्र कुछ नहीं। यह सबसे प्रत्यक्ष पर कठिनतम मार्ग है।
- 1विवेक — नित्य (शाश्वत/ब्रह्म) और अनित्य (नाशवान/संसार) का भेद जानना।
- 2वैराग्य — सांसारिक और पारलौकिक भोगों से विरक्ति।
- 3षट्सम्पत्ति (छह गुण):
- 4मुमुक्षुत्व — मोक्ष की तीव्र इच्छा।
- 5श्रवण — गुरु से उपनिषदों/वेदांत का श्रवण। महावाक्यों ('तत्त्वमसि', 'अहं ब्रह्मास्मि') को सुनना।
- 6मनन — सुने हुए ज्ञान पर तर्कपूर्ण विचार। संदेहों का निवारण।
- 7निदिध्यासन — ज्ञान का गहन ध्यान। आत्मा-ब्रह्म एकत्व में स्थिति।
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