हरतालिका तीज व्रत कैसे रखें विधि सहित
की चेकलिस्ट
हरतालिका तीज: भाद्रपद शुक्ल तृतीया। निर्जला व्रत (जल भी वर्जित)। बालू से शिव-पार्वती प्रतिमा → षोडशोपचार पूजा → कथा श्रवण → रात्रि जागरण → अगले दिन पारण। कथा: पार्वती ने शिव प्राप्ति हेतु किया। सौभाग्य, मनचाहा वर।
- 1भाद्रपद शुक्ल तृतीया की पूर्व रात्रि से संकल्प।
- 2प्रातः स्नान → श्रृंगार → हरे वस्त्र।
- 3बालू/मिट्टी से शिव-पार्वती की प्रतिमा बनाएँ।
- 4षोडशोपचार पूजा — जल, पुष्प, बिल्वपत्र, धतूरा, फल, नैवेद्य।
- 5'ॐ नमः शिवाय' और 'ॐ गौर्यै नमः' जप।
- 6हरतालिका कथा सुनें।
- 7सम्पूर्ण दिन और रात निर्जला व्रत — जल भी वर्जित।
- 8रात्रि जागरण — भजन, कीर्तन, शिव स्तुति।
- 9अगले दिन (चतुर्थी) प्रातः स्नान → पूजा → पारण।
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