होली पर होलिका दहन की विधि क्या है?
की चेकलिस्ट
होलिका दहन: फाल्गुन पूर्णिमा संध्या → भद्रा रहित मुहूर्त → होलिका पूजन (जल, रोली, अक्षत, नई फसल) → 3-7 परिक्रमा → अग्नि प्रज्वलन → गेहूँ बालियाँ भूनें → प्रसाद। कथा: प्रह्लाद बचे, होलिका जली — बुराई पर अच्छाई की जीत।
- 1होलिका के पास जाकर जल, रोली, अक्षत, फूल, गुड़, नारियल, नई फसल (गेहूँ बालियाँ, चना) अर्पित करें।
- 2परिक्रमा करें (3, 5 या 7)।
- 3मंत्र: 'असृक्पाभयसंत्रस्तैः कृता त्वं होलि बालिशैः। अतस्त्वां पूजयिष्यामि भूते भूतिप्रदा भव।'
- 4शुभ मुहूर्त में अग्नि प्रज्वलित करें।
- 5नई फसल (गेहूँ बालियाँ, जौ) अग्नि में भूनें — इसे 'होला' कहते हैं।
- 6'होलिका दहन' के जयघोष के साथ अग्नि को प्रणाम।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
त्योहार पूजा
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।