जनेऊ बदलते समय कौन सा मंत्र बोलें?
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जनेऊ मंत्र: 'यज्ञोपवीतं परमं पवित्रं प्रजापतेर्यत्सहजं पुरस्तात्। आयुष्यमग्र्यं प्रतिमुञ्च शुभ्रं यज्ञोपवीतं बलमस्तु तेजः।' विधि: स्नान→मंत्र→नया धारण→पुराना निकालें→पीपल/नदी। श्रावण पूर्णिमा=वार्षिक बदलाव।
- 1स्नान करें, शुद्ध वस्त्र धारण।
- 2नया जनेऊ लें, गंगाजल से शुद्ध करें।
- 3उपरोक्त मंत्र बोलते हुए नया जनेऊ बाएँ कंधे से दाहिनी ओर (सव्य — उपवीती) धारण करें।
- 4पुरानी जनेऊ निकालें।
- 5पुरानी जनेऊ को पीपल/बरगद वृक्ष पर बाँधें या नदी में विसर्जित करें।
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वैदिक कर्मकांड
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