कालसर्प दोष पूजा त्र्यम्बकेश्वर में कैसे करवाएं?
की चेकलिस्ट
त्र्यम्बकेश्वर कालसर्प पूजा: ज्योतिषीय पुष्टि → अमावस्या/नागपंचमी शुभ → नागबलि/नारायण नागबलि → त्रिपिंडी श्राद्ध → राहु-केतु शांति हवन → रुद्राभिषेक → कुशावर्त स्नान → दान। अधिकृत मंदिर पुजारी से करवाएँ। दोष पर विद्वानों में मतभेद।
- 1ज्योतिषीय पुष्टि: सबसे पहले किसी विश्वसनीय ज्योतिषी से कुंडली में कालसर्प दोष की पुष्टि करवाएँ। कुंडली साथ लेकर जाएँ।
- 2शुभ मुहूर्त: पूजा के लिए अमावस्या या नाग पंचमी का दिन विशेष शुभ माना जाता है। मंदिर के पुजारी मुहूर्त बता सकते हैं।
- 3पूजा विधि:
- 4विशेष अनुष्ठान:
- 5दान: काला तिल, काला वस्त्र, सर्प (चाँदी का), लोहे की वस्तु, सरसों तेल का दान।
- 6अवधि: पूजा सामान्यतः 3-4 घंटे की होती है। नारायण नागबलि 3 दिन का अनुष्ठान है।
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