काली पूजा की सही विधि क्या है?
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काली पूजा दीपावली रात, अमावस्या या नवरात्रि सप्तमी को करें। सरसों का दीप, 108 लाल गुड़हल, सिंदूर, खीर का भोग, काली ध्यान श्लोक, 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' का 108 बार जप और आरती — यह पूर्ण विधि है।
- 1आचमन व संकल्प: पूर्ण श्रद्धा के साथ संकल्प लें
- 2काली माँ का ध्यान:
- 3आवाहन:
- 4पंचामृत स्नान: दूध, दही, घी, शहद, शक्कर से स्नान
- 5वस्त्र अर्पण: लाल वस्त्र या चुनरी
- 6सिंदूर अर्पण: देवी को सिंदूर अत्यंत प्रिय है
- 7पुष्प अर्पण: 108 लाल गुड़हल
- 8धूप-दीप: सरसों तेल का दीप
- 9नैवेद्य: खीर या नारियल का भोग
- 10मंत्र जप: 'ॐ क्रीं कालिकायै नमः' — 108 बार
- 11काली आरती:
- 12प्रदक्षिणा: तीन बार परिक्रमा
- 13क्षमा प्रार्थना: अंत में क्षमा प्रार्थना अवश्य करें
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