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चेकलिस्ट

दारा नगर, काशी स्थित सिद्ध महाकालेश्वर शिवलिंग की उपासना और धन्वंतरि कूप के जल का क्या फल प्राप्त होता है?

की चेकलिस्ट

उपासना से अकाल मृत्यु से रक्षा, संपूर्ण विश्व की पूजा का फल और मनोकामनाओं की त्वरित पूर्ति होती है। धन्वंतरि कूप का जल सभी व्याधियों का समूल नाश करता है, तथा अंततः मोक्ष की प्राप्ति होती है।

  1. 1संपूर्ण विश्व पूजा का फल: स्कंद पुराण के अनुसार, जो भक्त इस लिंग की पूजा करता है, उसे चराचर जगत के सभी देवी-देवताओं के दर्शन और पूजन का फल एक ही स्थान पर प्राप्त हो जाता है।
  2. 2अकाल मृत्यु से रक्षा: काल-तत्त्व के अधिष्ठाता होने के कारण महाकालेश्वर और मृत्युंजय महादेव के सान्निध्य में की गई पूजा (विशेषकर रुद्राभिषेक) जातक को अपमृत्यु (Accidents/Unnatural death) से बचाकर पूर्ण दीर्घायु प्रदान करती है।
  3. 3शोक और व्याधियों का नाश: परिसर में स्थित अत्यंत प्राचीन 'धन्वंतरि कूप' (जिसमें भगवान धन्वंतरि ने औषधियां प्रवाहित की थीं) के जल का पान करने और लिंग के तेज से सभी प्रकार की शारीरिक एवं मानसिक व्याधियों (Chronic diseases) का समूल नाश हो जाता है।
  4. 4सिद्धि और मोक्ष: सिद्ध लिंग होने के कारण यहाँ सात्विक या तांत्रिक साधना अत्यंत शीघ्र फलित होती है और मनोकामनाएं तत्काल पूर्ण होती हैं। अंतकाल में काशी में प्राण त्यागने पर जीव को साक्षात शिव द्वारा दक्षिण कर्ण में तारक मंत्र प्राप्त होकर आवागमन के चक्र से सायुज्य मुक्ति (निर्वाण) प्राप्त होती है।
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उपासना का फल

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