ललिता त्रिशती का पाठ करने की विधि और लाभ क्या है?
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ललिता त्रिशती = 300 नाम (ब्रह्माण्ड पुराण)। 15 बीजाक्षर × 20 नाम। श्री विद्या का गोपनीय अंग। विधि: प्रातः, लाल वस्त्र, श्री यंत्र, कुमकुम, लाल पुष्प। शुक्रवार/पूर्णिमा शुभ। लाभ: सौभाग्य, दांपत्य सुख, विद्या, मोक्ष। कुछ मतों में गुरु दीक्षा सहित।
- 1प्रातःकाल स्नान कर शुद्ध (लाल/गुलाबी) वस्त्र।
- 2ललिता देवी/श्री यंत्र के सामने बैठें।
- 3कुमकुम, लाल पुष्प, मिठाई अर्पित करें।
- 4ललिता त्रिशती का पाठ करें — प्रत्येक नाम 'ॐ' से आरंभ और 'नमः' से अंत।
- 5शुक्रवार और पूर्णिमा विशेष शुभ।
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