माँ धूमावती की साधना में क्या सावधानियाँ रखनी चाहिए?
की चेकलिस्ट
धूमावती सावधानियाँ: सुहागिन महिलाएँ पूजा न करें। सात्विक आचरण, सत्यनिष्ठा, लोभ-त्याग। शराब-मांस वर्जित। साधना गुप्त रखें। काले वस्त्र-आसन। उग्र साधना = घर से दूर, योग्य गुरु के मार्गदर्शन में। भूल = गंभीर परिणाम।
- 1सुहागिन महिलाओं को यह पूजा नहीं करनी चाहिए।
- 2साधक को साधना काल में पूर्ण सात्विक आचरण करना चाहिए, नियम-संयम का पालन करना चाहिए, सत्यनिष्ठ रहना चाहिए और लोभ-लालच से दूर रहना चाहिए।
- 3शराब और मांस का सेवन सर्वथा वर्जित है।
- 4साधना को गुप्त रखना चाहिए।
- 5पूजा के दौरान सफाई और स्नान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
- 6काले वस्त्र और काले आसन का ही प्रयोग करना चाहिए।
- 7यह साधना, विशेषकर इसके उग्र रूप, वामाचारी प्रक्रिया से, घर से दूर, किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही की जानी चाहिए।
- 8क्रोधित देवता की साधना में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि भूल होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
सम्पूर्ण उत्तर
विस्तृत प्रश्न पृष्ठ देखें
मूल प्रश्न का सम्पूर्ण शास्त्रीय उत्तर एक स्थान पर।
श्रेणी
नियम और सावधानियाँ
इस श्रेणी के अन्य प्रश्नोत्तर।