विस्तृत उत्तर
माँ धूमावती की साधना में निम्नलिखित सावधानियाँ अत्यंत आवश्यक हैं:
— सुहागिन महिलाओं को यह पूजा नहीं करनी चाहिए।
— साधक को साधना काल में पूर्ण सात्विक आचरण करना चाहिए, नियम-संयम का पालन करना चाहिए, सत्यनिष्ठ रहना चाहिए और लोभ-लालच से दूर रहना चाहिए।
— शराब और मांस का सेवन सर्वथा वर्जित है।
— साधना को गुप्त रखना चाहिए।
— पूजा के दौरान सफाई और स्नान का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
— काले वस्त्र और काले आसन का ही प्रयोग करना चाहिए।
— यह साधना, विशेषकर इसके उग्र रूप, वामाचारी प्रक्रिया से, घर से दूर, किसी योग्य गुरु के मार्गदर्शन में ही की जानी चाहिए।
— क्रोधित देवता की साधना में अत्यधिक सावधानी बरतनी चाहिए, क्योंकि भूल होने पर गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
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