माघ मास में स्नान का क्या विशेष महत्व है
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माघ स्नान: मत्स्यपुराण — माघ नित्य स्नान = सर्वतीर्थ + सर्वयज्ञ फल। कल्पवास: प्रयागराज में 1 मास, 3 बार स्नान। मकर संक्रान्ति, मौनी अमावस्या, माघ पूर्णिमा विशेष। ब्रह्म मुहूर्त में ठण्डे जल में = तप। सर्वपापनाश, मोक्ष मार्ग।
- 1मत्स्यपुराण: 'माघे मासि सदा स्नानं कुर्याद्यः शुचिमानवः। सर्वतीर्थफलं तस्य सर्वयज्ञफलं लभेत्॥' — माघ में नित्य स्नान करने वाला सर्वतीर्थ + सर्वयज्ञ फल प्राप्त करता है।
- 2इस मास में गंगा/नदी स्नान का पुण्य अन्य मासों से कई गुना अधिक।
- 3मकर संक्रान्ति (माघ आरम्भ) — गंगासागर/प्रयागराज स्नान।
- 4मौनी अमावस्या — मौन व्रत + स्नान।
- 5माघ पूर्णिमा — अत्यन्त पुण्यदायी।
- 6बसन्त पंचमी — सरस्वती पूजा।
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