मानस जप क्या है और इसे कैसे सिद्ध करें?
की चेकलिस्ट
मन में (होंठ नहीं हिलें) = 1000 गुना। क्रम: वाचिक→उपांशु→मानस। श्वास संयोजन। ~6 मास अभ्यास। सिद्धि: अजपा जप = मंत्र स्वतः चलता रहे (सोते-जागते)।
- 1क्रम: वाचिक (बोलकर) → उपांशु (फुसफुसाकर) → मानस (मन में)। सीधे मानस कठिन — क्रमशः अभ्यास।
- 2अभ्यास: पहले 108 वाचिक → फिर 108 उपांशु → फिर 108 मानस — प्रतिदिन।
- 3ध्वनि कल्पना: मन में मंत्र ध्वनि सुनें — जैसे कान में कोई बोल रहा है।
- 4श्वास संयोजन: श्वास लेते-छोड़ते = मंत्र — मानस जप सहज।
- 5एकाग्रता: विचार आएं तो = वापस मंत्र। धैर्य + अभ्यास।
- 6~6 मास नियमित: मानस जप स्वाभाविक हो जाता है।
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मंत्र जप विधि
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