मंदिर की सीढ़ियां विषम संख्या में क्यों होती हैं?
की चेकलिस्ट
दाहिना पैर (शुभ) → विषम = दाहिने से शुरू+अंत। विषम = शुभ (1=ब्रह्म, 3=त्रिदेव, 5=पंचभूत, 9=नवग्रह)। वास्तु = सकारात्मक। 3/5/7/9/11/21/108। घर भी विषम।
- 1दाहिना पैर: दाहिना = शुभ। विषम (1,3,5,7...) = दाहिने पैर से शुरू + दाहिने पैर से अंत। सम = बाएं से अंत = अशुभ।
- 2विषम = शुभ: हिंदू धर्म: विषम = ब्रह्म/अपूर्ण→पूर्णता की यात्रा। 1=ब्रह्म, 3=त्रिदेव, 5=पंचभूत, 7=सप्तऋषि, 9=नवग्रह।
- 3वास्तु: विषम = सकारात्मक ऊर्जा प्रवाह।
- 4गणित: विषम = 'अविभाज्य' भाव — एकता/अखंडता।
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