मंदिर में मुंडन संस्कार कराने का क्या नियम है?
की चेकलिस्ट
मुंडन = 16 संस्कारों में से एक — गर्भ-बाल (अशुद्ध) हटाना। समय: 1-3 वर्ष, विषम वर्ष, शुक्ल पक्ष। मंदिर: तिरुपति (सर्वाधिक प्रसिद्ध), वाराणसी, हरिद्वार। विधि: मुहूर्त → संकल्प → गणपति पूजन → मुंडन → बाल नदी/देवता अर्पित → स्नान → दर्शन। लाभ: दोष निवारण, बुद्धि वृद्धि।
- 1शुभ मुहूर्त निर्धारण (ज्योतिषी/पंचांग से)
- 2शिशु को स्नान कराएँ, शुद्ध वस्त्र पहनाएँ
- 3देवता के सामने संकल्प (माता-पिता)
- 4हल्दी-चंदन लगाकर पूजा
- 5गणपति पूजन
- 6नाई (क्षौरकर्म) — पहले गुरु/पिता/मामा एक कैंची चलाएँ (प्रतीकात्मक)
- 7फिर पूर्ण मुंडन
- 8बाल — पवित्र नदी में/देवता को अर्पित
- 9शिशु को पुनः स्नान
- 10देवता के दर्शन + आशीर्वाद
- 11ब्राह्मण भोजन/दक्षिणा
- 12परिवार में भोज
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