मंदिर में पूजा के दौरान कौन सा आसन उपयोग करें?
की चेकलिस्ट
श्रेष्ठता क्रम: कुशासन (सर्वोत्तम, वेद-विहित), ऊनी कम्बल (ऊर्जा-संरक्षण, जप-ध्यान के लिए), सूती आसन (सामान्य पूजा)। वर्जित: नंगी जमीन, प्लास्टिक। योगसूत्र (2.46): स्थिर और सुखद आसन। पद्मासन/सुखासन, पीठ सीधी।
- 1शुद्ध स्थान पर, न बहुत ऊँचा न बहुत नीचा, कुश के ऊपर मृगचर्म, उसके ऊपर वस्त्र — इस प्रकार का स्थिर आसन।
- 2नंगी जमीन पर बैठना — शक्ति का ह्रास होता है (तंत्रसार)
- 3लकड़ी के तख्ते पर — सामान्यतः वर्जित
- 4प्लास्टिक/रबर का आसन — पृथ्वी-ऊर्जा अवरुद्ध करता है
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श्रेणी
मंदिर पूजा
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